मंगलवार, 19 जून 2018

भारतीय संस्कृति का प्रतीक ‘‘तिलक‘‘ // मानसश्री डॉ.नरेन्द्रकुमार मेहता

लोकार्पण समारोह के चित्र -सुरेंद्र गम्भीर

लोकार्पण समारोह के चित्र- सुरेंद्र गम्भीर अप्रैल 11, 2018 को दिल्ली में आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह के कुछ दृश्य। पुस्तक है भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित प्रवासी भारतीयों में हिन्दी की कहानी। (यह तेरह देशों में हिन्दी के अनुरक्षण, संवर्धन और ह्रास का भाषा-वैज्ञानिक विवरण है) संपादक हैं - डा० सुरेन्द्र गंभीर और डा० वशिनी शर्मा
पुस्तक का लोकार्पण अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद के तत्वावधान में नारायणकुमार जी और श्याम परांडे जी के सान्निध्य में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति डा० गिरीश्वर मिश्र जी के करकमलों से हुआ।

प्रवासी भारतीयों की हिंदी की कहानी -लोकार्पण समारोह 11 अप्रैल 2018

नुक्कड़ -ईसाहित्य और हिंदी ब्लॉग

बुधवार, 28 जून 2017

वशिनी CV हिंदी

https://docs.google.com/document/d/1imOHF5pqmhUGk7a5jRJO7sGMxLWuWW9eOvVm7dsppSo/edit

शुक्रवार, 9 जून 2017

Online Business Hindi ppt by Surendra Gambhir and Vashini sharma

प्रवासी भारतीयों में हिन्दी की कहानी /Story of Hindi in India’s Diaspora

प्रवासी भारतीयों में हिन्दी की कहानी
Story of Hindi in Indias Diaspora

संपादक – डॉ० सुरेन्द्र गंभीर (यूनिवर्सिटी ऑफ़   पेन्सिल्वेनिया)
सहसंपादक - डॉ० वशिनी शर्मा (केन्द्रीय हिन्दी संस्थान)

·       लगभग दो सौ पृष्ठों की इस पुस्तक में चौदह देशों में हिन्दी भाषा के इतिहास और वर्तमान स्थिति का शोध पर आधारित विवरण है।
·       सब लेख स्थापित भाषा-वैज्ञानिकों द्वारा लिखे गए हैं।
·       देश हैं - मारीशसफ़ीजीदक्षिणी अफ़्रीकागयानासूरीनामत्रिनिदादब्रिटेनआस्ट्रेलिया,अमेरिकाकनाडान्यूज़ीलैंडनेपालयू.ए.ई.।
·       इनके अतिरिक्त भारत में हिन्दी कि संवैधानिक स्थितिव्यावसायिक हिन्दीऔर तकनीकी संसाधन
पुस्तक के आरंभ में विदेशों में हिन्दी की स्थिति के बारे में विशद प्रस्तावना पुस्तक के संपादक डॉ० सुरेन्द्र गंभीर ने लिखी है।
आशा है पुस्तक मार्च के अंत तक प्रकाशित हो जाएगी।

जो इस पुस्तक के बारे में प्रकाशन के बाद सूचना चाहें वे अपने ईमेल निम्न पते पर लिख दें -

vashinisharma@gmail.com
surengambhir@gmail.com