शुक्रवार, 9 जून 2017

प्रवासी भारतीयों में हिन्दी की कहानी /Story of Hindi in India’s Diaspora

प्रवासी भारतीयों में हिन्दी की कहानी
Story of Hindi in India’s Diaspora

संपादक – डॉ० सुरेन्द्र गंभीर (यूनिवर्सिटी ऑफ़   पेन्सिल्वेनिया)
सहसंपादक - डॉ० वशिनी शर्मा (केन्द्रीय हिन्दी संस्थान)

·       लगभग दो सौ पृष्ठों की इस पुस्तक में चौदह देशों में हिन्दी भाषा के इतिहास और वर्तमान स्थिति का शोध पर आधारित विवरण है।
·       सब लेख स्थापित भाषा-वैज्ञानिकों द्वारा लिखे गए हैं।
·       देश हैं - मारीशस, फ़ीजी, दक्षिणी अफ़्रीका, गयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया,अमेरिका, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, नेपाल, यू.ए.ई.।
·       इनके अतिरिक्त भारत में हिन्दी कि संवैधानिक स्थिति, व्यावसायिक हिन्दी, और तकनीकी संसाधन
पुस्तक के आरंभ में विदेशों में हिन्दी की स्थिति के बारे में विशद प्रस्तावना पुस्तक के संपादक डॉ० सुरेन्द्र गंभीर ने लिखी है।
आशा है पुस्तक मार्च के अंत तक प्रकाशित हो जाएगी।

जो इस पुस्तक के बारे में प्रकाशन के बाद सूचना चाहें वे अपने ईमेल निम्न पते पर लिख दें -

vashinisharma@gmail.com
surengambhir@gmail.com

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